दिनांक : 10 अप्रैल 2025 दिन गुरूवार एक दिवसीय प्रातः 6 बजे से प्रारंभस्थान : उत्तर तट गऊघाट, छत्तरपुर जिला – जबलपुर
श्रेद्धय दादा गुरू जी के आशीर्वाद एवम श्री 108 श्री राम चैतन्य क्षम्हावारी जी महाराज रामकुण्डी पाम, जोरठापुर, घंसौर
नर्मदा पुराण और स्कंद पुराण अनुसार जहाँ पर माँ नर्मदा का प्रवाह दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होता है चैत्र मास वहा में की परिक्रमा करने से सम्पूर्ण परिक्रमा का पुण्य प्राप्त होता है, गुजरात में यह परिक्रमा अनेक वर्षों से प्रारंभ है उसी तर्ज पर मंडला में 2022 से यह परिक्रमा संध्या आरती मंच श्री सिद्धघाट रेवा दरबार मंडला द्वारा आयोजित की जा रही। 2024 की परिक्रमा में पधारे श्री 108 श्री राम चैतन्य ब्रम्हाचारी जी महाराज ने जबलपुर जिले में भी माँ नर्मदा के उत्तर वाहिनी होने की जानकारी दिया तथा जबलपुर जिले में भी उत्तर वाहिनी परिक्रमा प्रारंभ करने की इच्छा प्रकट किया था। संत वचन को शिरोधार्य करके परिक्रमा पथ का अवलोकन किया गया क्षेत्रीय श्रद्धालुओं को अवगत करवाकर उत्तर वाहिनी परिक्रमा की योजना बनाई गई। अतः पधारकर पुण्य लाभप्राप्त करें ।
परिक्रमा मार्ग – उत्तरतट-छत्तरपुर, देवरी, कैलवास, घाना, सेंसरा, सगड़ा, बंदरकोला, बसहा तट परिवर्तन दक्षिण तट – सालीवाड़ा से केनाल के रास्ते से बहोरीपार, मोहास के किनारे से होते हुए खरैनी पहुंचकर किश्तियों से पार होकर छत्तरपुर समापन l
कार्यक्रम विवरण
1. प्रातः 6 बजे से उत्तर तट छत्तरपुर में एकत्रीकरण एवं मैया जी का पूजन कर संकल्प आरती के पश्चात परिक्रमा प्रारंभ होगी ।
2. 1 बजे बंदरकोला श्री अजय पटैल जी के निवास स्थान पर भोजन होगा और विश्राम के बाद यात्रा बसहा के लिए प्रस्थान करेगी ।
3. बसहा से विधि विधान के साथ तट परिवर्तन कर सालीवाड़ा से केनाल के रास्ते बहोरीपार, मोहास के किनारे से यात्रा खरैनी पहुंचेगी वहां से नाव द्वारा मैया जी को पार करके छत्तरपुर पहुंचकर पूजन अर्चन आरती के पश्चात भोलेनाथ को जल अर्पित कर प्रसादी वितरण होगी और यात्रा को विराम दिया जायगा ।
विशेष – यह उत्तर वाहिनी परिक्रमा पूर्णतः निःशुल्क है किन्तु जो श्रद्धालु इसमें स्वेच्छा से सहयोग करना चाहते हैं उनका स्वागत है।
2. इस परिक्रमा यात्रा में शामिल होने वाले श्रद्धालु को अपना नाम, तथा मोबाईल नम्बर भेजें ताकि संख्या के आधार पर व्यवसथाऐं बनाई जा सकें ।
3. अपने साथ कीमती सामान लेकर न आवें ।
4. पूजन सामग्री जैसे अक्षत, पुष्प, रोली, चंदन ताबें का छोटा लोटा, जल भरने के लिए जल पात्र आदि लेकर आवें ।
5. यात्रा में अलग- अलग आयु वर्ग के श्रद्धालु रहेंगे अतः एक दूसरे को सहयोग करते हुए साथ-साथ चलेंगे ।
6. बाहर से आने वाले श्रद्धालु को 10 अप्रैल की पूर्व संध्या अर्थात 09 अप्रैल की संध्या तक आ सकेंगे।
7. महाराष्ट्र, सिवनी, छिंदवाड़ा, बालाघाट से ट्रेन द्वारा जबलपुर आने वाले श्रद्धालु आटो से रेल्वे स्टेशन से मण्डला रोड पर गौर सिलुआ से सिलुआ तिराहा पहुंचकर सामुदायिक भवन सिलुआ पहुंचे जो जबलपुर से मात्र 16 किलोमीटर दूर है। कोई साधन नहीं मिलने पर नीचे दिए नम्बरों पर तुरन्त सम्पर्क करें।
सम्पर्क सूत्र –
रामप्रकाश सिंह ठाकुर 7000323604, डी.एस. नागेश: 9424393537, विवेक नायकवार 9300483269, राजू बैरागी : 7697948880 अजय पटेल : 9424604280, रज्जन झारिया 7869221711, राधे सिंह: 8959664011, लालजी पहलवान 9826541889, सौरभ राय: 9827710797 मोहन श्रीपाल : 9424884472, अभिषेक सिंगरौर: 7804098022, जगदीश 9977859226, घसीटा यादव 9174862545, रमेश केवट : 9098564824 हरिशचन्द्र झारिया : 7489157950, प्रभात दुबे 9165801885, सुखराम झारिया: 8815332289, गोपाल झारिया 9754358967, रामचरण यादवः 9753446113 अरविंद पटेल : 9754565689, बसंत दुबे 8085391005, उमा तिवारी : 8989126444, राजेश अग्रवाल 7722999031
परिक्रमा मे शामिल होने वाले श्रद्धालु उपर दिये गये नम्बरों पर कॉ करके अपना पंजियन करवा सकते हैं पंजीयन निःशुल्क है
Author: Mb News 7
Founder










