श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, विपिन महाराज बोले- गौ सेवा ही सच्ची कृष्ण भक्ति
गोटेगांव | समीपवर्ती ग्राम भंडरी में चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। कथा स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी सजाई गई। श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ उत्सव मनाया।
कथा व्यास विपिन बिहारी महाराज ने श्रीकृष्ण जन्म प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि जिस प्रकार भारत ने गुलामी की जंजीरों से मुक्ति पाई, उसी प्रकार अब गौ हत्या के कलंक को समाप्त करने के लिए समाज को आगे आना होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से गौ माता को राष्ट्रीय माता घोषित करने तथा देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की।
उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रत्येक घर में एक गौ माता रखने का आग्रह करते हुए कहा कि सड़कों पर घायल और बीमार अवस्था में घूम रही गौ माताओं की सेवा, भोजन और संरक्षण की जिम्मेदारी समाज की है। यही भगवान श्रीकृष्ण की सच्ची गौ सेवा है।
कथा के दौरान महाराज ने कहा कि सुख और दुख जीवन का हिस्सा हैं। भगवान राम और श्रीकृष्ण के जीवन में भी कठिनाइयां आईं, लेकिन उन्होंने कभी अधर्म का मार्ग नहीं अपनाया। उन्होंने लोगों से सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि अदालतों में गीता पर हाथ रखकर सत्य बोलने की शपथ ली जाती है, लेकिन आज बच्चों को गीता, रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथों का अध्ययन नहीं कराया जा रहा। ऐसे में बच्चों को सत्संग और धार्मिक आयोजनों से जोड़ना आवश्यक है। घरों में वर्ष में कम से कम एक-दो धार्मिक आयोजन अवश्य होने चाहिए, जिससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
युवा पीढ़ी को संदेश देते हुए उन्होंने धूम्रपान और अन्य नशों से दूर रहने की बात कही। साथ ही अभिभावकों से कहा कि यदि बच्चे गलत मार्ग पर जा रहे हों तो समय रहते उन्हें रोकना चाहिए, अन्यथा बाद में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
गौ सेवा के लिए की आर्थिक घोषणाएं
कथा मंच से महेंद्र नागेश ने गौ सेवा के लिए 1 लाख रुपए देने की घोषणा की। वहीं परसवाड़ा के सत्येंद्र पटेल ने 2 लाख 51 हजार रुपए सहयोग राशि देने की घोषणा की।
कथा व्यास विपिन महाराज ने भावुक संकल्प लेते हुए कहा कि बेटी के विवाह के बाद वे जहां भी भागवत कथा करेंगे, वहां कथा के बदले कोई पारिश्रमिक नहीं लेंगे। उस राशि को गरीब बेटियों के विवाह और गौ सेवा में समर्पित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मां नर्मदा के समक्ष जल लेकर वे यह संकल्प कर चुके हैं तथा नरसिंहपुर जिले में सर्वप्रथम 108 कन्याओं के विवाह कराने का लक्ष्य रखा है।
कथा प्रतिदिन शाम 4 बजे से 7 बजे तक हो रही है। कथा का समापन 31 मई को होगा।
इस अवसर पर महेंद्र नागेश, शेखर चौधरी, सत्येंद्र पटेल, मुकेश विलवार, जिला पंचायत सदस्य अरविंद पटेल, विनोद पटेल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
rRk Patel
जिला संवाददाता नरसिंहपुर
Author: Mb News 7
Founder









