आध्यात्मिक महाकुंभ: शिव स्मृति भवन में उमड़ा महाकोशल की ब्रह्माकुमारी आध्यात्मिक महाकुंभ: शिव स्मृति भवन में उमड़ा महाकोशल की ब्रह्मकुमारी बहनों का सैलाब बहनों का सैलाब

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आध्यात्मिक महाकुंभ: शिव स्मृति भवन में उमड़ा महाकोशल की ब्रह्मकुमारी बहनों का सैलाब

जबलपुर | Mbnews7 (मध्य भारत न्यूज़ 7)

जबलपुर। संस्कारधानी के भंवरताल स्थित ‘शिव स्मृति भवन’ में सोमवार को एक अनूठा आध्यात्मिक संगम देखने को मिला। महाकोशल क्षेत्र के आठ जिलों से आई वरिष्ठ ब्रह्माकुमारियों के भव्य जमावड़े ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय कर दिया। इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी भावना बहन ने ज्ञान की गंगा बहाते हुए जीवन के गूढ़ रहस्यों पर प्रकाश डाला।

20 अप्रैल के दिन को ब्रह्माकुमारी जबलपुर सेवा केंद्र मे ब्रह्मकुमारी भावना दीदी का अलौकिक जन्म दिवस मनाया गया आध्यत्मिक उत्साह के साथ इस दिन को मनाया गया..सभी बहनों और भाइयों ने अपने भावना दीदी के प्रती अपने मनोभाव उद्गार दिए.. 

सांसारी ‘उन्नीस’ तो ज्ञानी रहता है ‘बीस’

मुख्य वक्ता भावना बहन ने बेहद सटीक शब्दों में ज्ञान और संसार के अंतर को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि एक साधारण मनुष्य संसार में रहकर चाहे कितना भी पुरुषार्थ (मेहनत) कर ले, लेकिन एक सत्य ज्ञानी के सामने वह हमेशा ‘उन्नीस’ ही रहता है। इसके विपरीत, ज्ञान की शक्ति से संपन्न व्यक्ति अभावों में रहकर भी हर परिस्थिति में ‘बीस’ साबित होता है। राजयोग का मार्ग हमें संसार की जटिलताओं के बीच रहते हुए भी सांसारिक बंधनों से मुक्त कर एक श्रेष्ठ जीवन जीने की कला सिखाता है।

सत्य गीता ज्ञान: ‘मैं कौन हूँ’ की खोज ही जीवन का लक्ष्य

कार्यक्रम के दौरान भावना बहन ने राजयोग को ‘सत्य गीता ज्ञान’ की संज्ञा दी। उन्होंने प्रेरणा देते हुए कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि अध्यात्म का वह महासागर है जो हमें जीवन को संगीत की तरह मधुर बनाना सिखाता है। उन्होंने आत्म-ज्ञान और कर्मयोग पर जोर देते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में ईश्वर से सच्चा संबंध जोड़ना अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जीवन का वास्तविक उद्देश्य केवल एक प्रश्न का उत्तर तलाशना होना चाहिए— मैं कौन हूँ?’

अलौकिक खुशी दिवस: दीदी के ज्ञान पथ पर समर्पण का उत्सव

इस विशेष अवसर पर पूरे महाकोशल क्षेत्र से आई बहनों ने ‘अलौकिक खुशी दिवस’ मनाया। बीके वर्षा बहन ने इस दिन की महत्ता बताते हुए कहा कि आज का दिन दीदी का ‘ज्ञान उपलब्धि दिवस’ है, जिसे सभी बहनें हर्षोल्लास के साथ उनके जन्मदिन के रूप में मनाती हैं। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक जीवन मौजों का जीवन है, जहाँ भोजन का हर कण और आनंद का हर क्षण परमात्मा का प्रसाद बन जाता है।

  • विभिन्न प्रस्तुतियों के साथ अलौकिक जन्मोत्सव मनाया गया कुछ झलकियां  – ▶️

कार्यक्रम का संचालन संतोष भाई ने कुशलतापूर्वक किया। समारोह के अंत में बहनों ने मनमोहक गीत-नृत्य के माध्यम से भावना बहन के प्रति अपनी श्रद्धा और स्नेह व्यक्त किया। भावना बहन ने आत्मा की शाश्वतता और परमात्मा से अटूट संबंध पर अपना प्रभावशाली मार्गदर्शन देकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

 

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Author: Mb News 7

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