गौ संरक्षण के लिए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की अपील
ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। उन्होंने नरसिंहपुर जिले के परमहंसी गंगा आश्रम में “गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा” को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो झोतेश्वर से प्रधानमंत्री कार्यालय, नई दिल्ली तक जाएगी। इस पदयात्रा का उद्देश्य गौ माता की रक्षा और संरक्षण के प्रति आमजन में जागरूकता फैलाना है।
गौ माता की घटती नस्ल पर चिंता
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने देसी गायों की तेजी से घटती नस्लों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि महाभारत काल में युधिष्ठिर की गौशाला में 10,000 से अधिक नस्लें थीं, जबकि आज यह संख्या घटकर लगभग 25-30 ही रह गई है। सरकार से 53 देसी नस्लों की गायों को एक साथ खड़ा करके दिखाने की अपील करने पर उन्होंने हाथ जोड़ लिए, जो दर्शाता है कि गायों की नस्लें तेजी से विलुप्त हो रही हैं।
मतदाताओं से अपील
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मतदाताओं से अपील की है कि वे केवल उसी प्रत्याशी को वोट दें, जो गौ संरक्षण की शपथ ले और उसे अपने संकल्प में प्राथमिकता दे। उन्होंने कहा कि गौमाता का वध एक धार्मिक अपराध है और यह भारत की पुण्यभूमि पर पाप का कारण बन रहा है।
गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा का उद्देश्य
गौ प्रतिष्ठा पदयात्रा का उद्देश्य गौ माता की रक्षा को लेकर आमजन में जागरूकता फैलाना और राजनीतिक दलों पर दबाव बनाना है कि वे इस विषय को अपने घोषणापत्र में स्थान दें। यह पदयात्रा धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना जगाने का प्रयास है¹।
Beuro Repoter
राम कृष्ण पटेल – नरसिंहपुर
Author: Mb News 7
Founder










