100 साल बाद होली पर ‘ब्लड मून’ का साया! जानें आज के चंद्र ग्रहण और सूतक काल का हर सच – क्या करें और क्या न करें?

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100 साल बाद होली पर ‘ब्लड मून’ का साया! जानें आज के चंद्र ग्रहण और सूतक काल का हर सच – क्या करें और क्या न करें?

जबलपुर | mbnews7.in

साल 2026 का पहला और सबसे महत्वपूर्ण पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse) आज, 3 मार्च को लगने जा रहा है। इस बार यह खगोलीय घटना और भी खास है क्योंकि यह होली के पावन पर्व पर पड़ रही है। ज्योतिष और विज्ञान दोनों ही दृष्टिकोण से यह ग्रहण बेहद प्रभावशाली माना जा रहा है। चंद्रमा का रंग गहरा लाल यानी ‘ब्लड मून’ के रूप में नजर आएगा।

कब लगेगा ग्रहण और सूतक काल? (महत्वपूर्ण समय)

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आज का ग्रहण भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा, इसलिए इसका धार्मिक प्रभाव और सूतक काल मान्य होगा।

  • सूतक काल का प्रारंभ: आज सुबह 06:20 बजे से (सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू हो जाता है)।

  • ग्रहण का स्पर्श (प्रारंभ): दोपहर 03:20 बजे

  • ग्रहण का मध्य (मोक्ष की ओर): शाम 05:15 बजे

  • ग्रहण की समाप्ति: शाम 06:47 बजे


⚠️ क्या न करें (सावधानियां):

  1. भोजन से परहेज: सूतक काल से ग्रहण की समाप्ति तक खाना बनाने और खाने से बचें (बुजुर्गों और बीमारों को छोड़कर)।

  2. मूर्तियों को स्पर्श: सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दें, भगवान की मूर्तियों को न छुएं।

  3. गर्भवती महिलाएं सावधान: नुकीली चीजें जैसे कैंची, चाकू या सुई का इस्तेमाल न करें और ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें।

  4. शुभ कार्य वर्जित: इस अवधि में कोई भी नया काम या मांगलिक कार्य शुरू न करें।

✅ क्या करें (जरूरी बातें):

  1. मंत्र जाप: ग्रहण के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ या ‘महामृत्युंजय मंत्र’ का मानसिक जाप करें। यह समय आत्म-शुद्धि के लिए श्रेष्ठ है।

  2. तुलसी दल का प्रयोग: सूतक से पहले ही दूध, दही और पके हुए भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें।

  3. शुद्धिकरण: ग्रहण समाप्त होने के बाद (शाम 06:47 के बाद) पूरे घर में गंगाजल छिड़कें और स्नान करें।

  4. दान का महत्व: ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं (चावल, चीनी, दूध) का दान करना दरिद्रता दूर करता है।


होली मिलन और होलिका दहन पर असर?

विद्वानों के अनुसार, चूंकि ग्रहण शाम को समाप्त हो रहा है, इसलिए होलिका दहन और रंगोत्सव की खुशियाँ ग्रहण के मोक्ष (शाम 06:47) के बाद मनाना ही शास्त्र सम्मत और शुभ होगा।

निष्कर्ष: खगोल प्रेमियों के लिए यह ‘ब्लड मून’ देखने का शानदार मौका है, वहीं आस्था रखने वालों के लिए यह संयम और साधना का समय है।


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Monika Gupta 

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Author: Monika Gupta

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