भारत में फार्मा कंपनियों द्वारा बिना उचित जांच और नियमों का पालन किए करीब तीन दर्जन दवाओं के लाइसेंस जारी करने पर केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर डॉ. राजीव सिंह रघुवंशी ने कड़ी कार्रवाई की है। इन दवाओं का इस्तेमाल बुखार, मधुमेह, बीपी और फैटी लीवर जैसी बीमारियों के इलाज में किया जा रहा था, लेकिन इनके प्रभाव और सुरक्षा का वैज्ञानिक सत्यापन नहीं हुआ था, जिससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता था।
*केंद्रीय ड्रग कंट्रोलर की कार्रवाई:*
– 35 से ज्यादा दवाओं के लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिए गए हैं।
– संबंधित राज्यों से इन दवाओं के लाइसेंस की प्रक्रिया की पुनः समीक्षा करने की अपील की गई है।
– डॉ. रघुवंशी ने इस लापरवाही पर नाराजगी जताई है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की बात कही है ¹।
*इसके अलावा, झोलाछाप डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की जा रही है:*
– मध्य प्रदेश के सागर में झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
– अवैध क्लीनिकों पर छापा मारकर एलोपैथी दवाइयां और अनधिकृत इलाज की जांच की जा रही है।
– दोषी पाए जाने पर क्लीनिकों को सील किया जा रहा है और दवाइयां जब्त की जा रही हैं ²।
Author: Mb News 7
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