बीमारी की सही पहचान से लेकर सुरक्षित इलाज तक: इंदौर में कहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 के पहले दिन पेशेंट एनालिसिस और इनोवेशन पर हुआ गहन मनामा
मध्य प्रदेश में पहली बार डायग्नोस्टिक पेशेंट शमी को केंद्र में ले जाकर इस राष्ट्रीय सम्मेलन का अंतिम संस्कार किया गया
– मध्य प्रदेश में पहली बार डायग्नोस्टिक पेशेंट आश्रम केंद्र में राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस
– डायग्नोस्टिक के सभी सिद्धांतों को सीखने, सुधार और भविष्य की तैयारी का मंच
– पत्रिका से 1500 से अधिक छात्र व डायग्नोस्टिक पेशेवर और छात्रों की भागीदारी
– मुख्य अतिथि: श्री शंकर लालवानी (लोकसभा सांसद), सांसद रूप से श्री राजेंद्र शुक्ला (स्वास्थ्य मंत्री एवं सचिव, मध्य प्रदेश) उपस्थित
– क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया और काहो के बीच सहमति पत्र पर हस्ताक्षर..
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इंदौर, 30 जनवरी, 2026 : मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य सेवा एसोसिएट्स एसोसिएशन (काहो/सीएए सीजीए) के प्रमुख नेशनल डायग्नोस्टिक कॉन्फ्रेंस काहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 का आज इंदौर में भव्य उद्घाटन हुआ। लोकमाता देवी अहिल्या सभागृह (डीएवी) में आयोजित इस दो दिव्य महोत्सव के पहले दिन पूरी तरह से इस बात पर जोर दिया गया कि सही जांच, सुरक्षित अनुष्ठान और आधुनिक तकनीक से सामूहिक उपचार बेहतर और टिकाऊ हो। मध्य प्रदेश में पहली बार इस स्तर पर डायग्नोस्टिक पेशेंट स्टिमी को केंद्र में राष्ट्रीय स्तर पर संवाद शुरू हुआ है। मरीज़ों के अस्पताल में कदम रखने से लेकर बाहर जाने तक मरीज़ों के प्रमुखों पर गहन चर्चा की गई। इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष श्री शंकर लालवानी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री एवं कल्याण श्री रेड्डी ग्रुप ग्रुप के रूप में उपस्थित हो रहे हैं। इसके बाद काउंसिल ऑफ इंडिया और काहो के बीच एक्जिट पर हस्ताक्षर किए गए। जक्षय शाह, अध्यक्ष, सीयूसी किसी भी कारणवश सम्मेलन में व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो सकते। हालाँकि, उन्होंने अपनी शुभकामनाओं के लिए संदेश के माध्यम से एक वीडियो रिकॉर्ड किया और सम्मेलन की सफलता की घोषणा की।
विशेष अतिथि मंत्री श्री शंकर लालवानी ने इंदौर और पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इस कार्यक्रम की एक ऐतिहासिक पहल बताई। बेहतर स्वास्थ्य के लिए सही इलाज और उसकी पहली सही जांच होना सबसे ज्यादा जरूरी है। और कहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 की वजह से ये और भी स्टेप्स। मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री एवं कंसास डायर श्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि जब लगभग सात प्रतिशत पैमाइश निर्णय की जांच के आधार पर होते हैं, तब एग्नोस्टिक की गुणवत्ता और सुरक्षा सीधे मरीजों के जीवन से जुड़ जाती है।
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. इंदौरा कोठारी, सोमनाथ, कहो डायग्नोस्टिक डिवीजन एवं संस्थापक-निदेशक, सेंट्रल लैब, इंदौर के उद्घाटन उद्घाटन से हुई। डॉ. विनिता कोठारी ने कॉन्फ्रेंस में सभी विशेषज्ञ, विशेषज्ञ और सहयोगी सहयोगियों से बातचीत करते हुए कहा कि इस मंच पर हजारों की संख्या में ऐसे लोग जुड़े हुए हैं, जो पहले से अपनी गुणवत्ता को अपनी सुविधा देते हैं। ऐसे आयोजनों में जो लोग आते हैं, जो बदलावों में विश्वास रखते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारियां हैं। कहो डायग्नोस्टिकॉन आपके लिए अनोखा है, क्योंकि यहां गुणवत्ता को केवल एक नियम नहीं, बल्कि एक साझा जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। यदि यहां मौजूद हर व्यक्ति विशेष की सोच को अपने-अपने संस्थान तक पहुंचाया जाता है, तो यह उद्देश्य अपने उद्देश्य में सफल माना जाएगा।
दिन की शुरुआत कहो एंथम और स्वागत प्रार्थना के साथ हुई, जिसे कहो डायग्नोस्टिक डिवीजन की डॉ. अपर्णा स्केच ने किया खुलासा। इसके बाद दीप प्रज्वलन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें देश के स्वास्थ्य, डायग्नोस्टिक और जादूगर जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित विद्वानों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर कहो के संरक्षक डॉ. वेंकटेश थप्पिली, एनबीएल-क्यूसी के चेयरपर्सन डॉ. संदीप शाह, अमलतास मेडिकल कॉलेज के छात्र श्री मयंकराज सिंह ब्लडी, काहो के प्रेसिडेंट डॉ. विजय अग्रवाल, कंसीलर जनरल डॉ. लल्लू जोसेफ, वाइस प्रेसिडेंट डॉ. शंकर सेनगुप्ता और डॉ. अशोक रत्न, डायग्नोस्टिक डिवीजन के जूनियर डॉक्टर। अपर्णा स्केच और ऑर्थोडॉक्स डॉ. विनीता कोठारी समेत कई राफेल गेस्ट मंच पर मौजूद रहीं। इसके साथ ही एमपी मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के संस्थापक वाइस चांसलर डॉ. डी. पी. लोकवाणी, आईएमएस-डीएवी के निदेशालय डॉ. दीपकविवेर, आईएमएस के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सी. सी. मोतियानी, डॉ. अशोक रत्न, डॉ. रवि गौड़, टाटा कम्युनिस्टोलॉजी लैबोरेटरी से डॉ. प्रशांत नाग, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, भोपाल के स्ट्रेटेजी डॉ. आर. के. संतोष और एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, इंदौर के स्ट्रेटेजी डॉ. प्रशांत पुरोहित एवं डॉ. विनोद भंडारी की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा और शिखर सम्मेलन आयोजित किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कॉन्फ्रेंस के लॉन्च में यह संदेश दिया गया कि काहो डायग्नोस्टिक 2026 क्वालिटी, पेशेंट रेजिडेंस और फ्यूचर की हेल्थ को लेकर एक मजबूत साझा मंच है।
इस दिन कुल 13 महत्वपूर्ण तकनीकी और विचार-विमर्श सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें डायग्नोस्टिक्स से जुड़े जरूरी और स्थिर विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। पहले सत्र में ‘डायग्नोस्टिक्स में पेशेंट 2026: सही जांच से सुरक्षित इलाज तक’ विषय पर बात हुई, जिसमें डॉ. विनिता कोठारी, डॉ. अपर्णा स्केच, टीबी रिसर्च से संबंधित विशेषज्ञ डॉ. भवानी शाह, डॉ. संजय मित्र और एनबीएल के सुपरस्टार डॉ. संदीप शाह ने साझा किया अपना अनुभव। इसके बाद मुख्य लैब्स सत्र में लैब्स में नेतृत्व की भूमिका और मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा की गई। कैंसर के इलाज में आगे के सत्रों में बायोमार्कर की, डायग्नोस्टिक लैब्स में पर्यावरण के लिए उपयुक्त सामग्री, सीसी पीएसपीआर तकनीक के माध्यम से मॉलिक्यूलर जांच को आसान बनाना, फिश सीबीसी में बेहतर एसोसिएट्स जुड़ाव, मैकबाइकोलॉजी से आगे भारी पेशिंग केयर और एनएसएस में सही विकल्प, बायोमेडिकल वेस्ट एडिमा, ब्लड सप्लाई के लिए नैटी टेस्टिंग, डायग्नोस्टिक्स में बेहतर मेकिंग ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंजीनियरिंग, फ्यूचर स्टडीज ऑटोमेशन। आने वाले समय में सस्टेनेबल डायग्नोस्टिक इनोवेशन जैसे विषय शामिल रहेंगे। सभी सत्रों ने यह साफ संदेश दिया कि बेहतर और सुरक्षित डायग्नोस्टिक सिस्टम ही मजबूत स्वास्थ्य सेवाओं की स्थापना है।
कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. डी. पी. लोकवाणी ने कहा, “इस आयोजन को जो मिला है, उसके लिए काहो पूरे मन से दिखता है। काहो और एनबीबी के बीच शुरू हुआ यह ऐतिहासिक है और विकसित भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण शोध के रूप में देखा गया है। आने वाले समय में हर एक अपने पोर्टफोलियो और वैराइटी स्टूडियो से जुडकर कंपनी में काम करता है, जिसमें डायग्नोस्टिक्स और पत्रिकाएं शामिल हैं। आज यहां करीब सौ से अधिक विशेषज्ञ और पेशेवर भविष्य की कंपनियों को तय किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं, सुरक्षा और विषय आधारित। तो बहुत होते हैं, लेकिन ये सम्मेलन खास है, क्योंकि इसमें सिर्फ आज की बात नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी की बात हो रही है।
उन्होंने कहा. विनीता कोठारी और डॉ. अपर्णा साइट के स्पेशल डायरेक्टर ने कहा कि उनकी मेहनत और फिल्म के बिना इस लेवल का इवेंट संभव नहीं था। साथ ही उन्होंने उस शहर को भी बधाई दी, जिसमें क्वालिटी एश्योरेंस के रिपॉजिटरी मिलेन और जो आज क्वालिटी का नमूना सामने आया है। उन्होंने अथर्ववेद की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वास्थ्य तक समान और सहजता हर व्यक्ति का अधिकार है और इसमें डायग्नोस्टिक सेवाओं की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पूरी तरह से कहो टीम के भविष्य के लिए सभी को एकजुटता और विश्वास के साथ प्रेरित करते हुए कहा कि यह पहली बार देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को नई दिशा देगा। Www.mbnews7.in
काहो ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ और डायग्नोस्टिक अपॉइंटमेंट में पेशेंट रेजिडेंट्स से लेकर तकनीकी प्रशिक्षण पूरी तरह से मुफ्त प्रदान किया जाएगा, ताकि हर स्तर पर सुरक्षित देखभाल हो सके। 1600 से अधिक की सूची से प्राप्त इस बात का प्रमाण है कि यह कॉन्फ्रेंस डायग्नोस्टिक कम्युनिटी के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मंच बन गया है।
पहले दिन की चर्चा से यह स्पष्ट हो गया कि कहो डायग्नोस्टिकॉन 2026 सिर्फ एक पेशेवर आयोजन नहीं है, बल्कि भारत में सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और छात्र-छात्र डायग्नोस्टिक सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस राष्ट्रीय पहल है।
Author: Mb News 7
Founder










