पटवारियों को अलग रखने की मांग, मुख्यमंत्री और कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

नरसिंहपुर। मध्यप्रदेश पटवारी संघ ने “स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन-2026” योजना के तहत होने वाले निष्पादन, ई-केवाईसी, पंजीयन एवं व्यक्तिगत दायित्व से जुड़े कार्यों से पटवारी संवर्ग को पृथक रखने की मांग की है। इस संबंध में जिला पटवारी संघ नरसिंहपुर की ओर से मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन एवं कलेक्टर नरसिंहपुर के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में जिला अध्यक्ष राहुल पटेल ने कहा कि पटवारी संघ स्वामित्व योजना का विरोध नहीं करता। संघ का मानना है कि योजना से ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को उनकी संपत्ति संबंधी अधिकारों का अभिलेख मिलने तथा ऋण आदि की सुविधा प्राप्त होने में मदद मिलेगी। हालांकि योजना के क्रियान्वयन में पटवारियों को दिए जा रहे अतिरिक्त दायित्वों को लेकर संघ ने आपत्ति जताई है , संघ के अनुसार ग्रामीण आबादी क्षेत्र की भूमि का स्वरूप सामान्य राजस्व कृषि भूमि से अलग है। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी का सर्वेक्षण एवं मानचित्रण पंचायत राज व्यवस्था के मार्गदर्शन में किया गया था। इस दौरान राजस्व विभाग के पटवारियों ने आवश्यक नक्शा, नाप एवं तकनीकी कार्यों में सहयोग किया।
पटवारी संघ का कहना है कि पटवारियों की भूमिका मुख्य रूप से सहयोगात्मक एवं अभिलेखीय/मैदानी सहायता तक सीमित रही है। अब योजना के अंतर्गत ई-केवाईसी, पंजीयन एवं व्यक्तिगत दायित्व से जुड़े कार्यों को पटवारियों पर डालने का संघ ने विरोध किया है।
संघ ने शासन से मांग की है कि पटवारी संवर्ग को इन अतिरिक्त कार्यों एवं व्यक्तिगत दायित्व से अलग रखा जाए।
Author: Mb News 7
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